निशानी जो बचीं उसकी ,जिलाती जा रहीं हैं वो,
दृगों में जो भरा पानी , बहाती जा रहीं हैं वो //
उसी की हलचलों में यह , समय कुछ बीत जाता है ,
कहीं दिल की दराजों में ,समाती जा रहीं हैं वो //
दिशाओं में महकती है , कहीं वो रात -रानी -सी ,
कदम हौले बदाती -सी ,दिले -नाशाद आएगी //
रविवार, 27 नवंबर 2011
शुक्रवार, 25 नवंबर 2011
गुरुवार, 24 नवंबर 2011
मंगलवार, 22 नवंबर 2011
कितने दिन से दिल टूटा है , कितने दिन से नहीं मिले हो ,
इन नयनों की पलकों में तुम ,कितने दिन से नहीं खिले हो /
मीलों -मीलों धूप खिली थी ,जब तुम बाँहों में आये थे ,
कितने मौसम बदल -बदल कर ,इस धरती पर इठलाये थे ,
छलक चुकीं हैं झीलें कितनी ,कबसे ,अबतक नहीं मिले हो /
नदियों में जो जल बहता है ,शायद खारा हो जायेगा ,
बिन बरसे यह नभ का बादल ,धुंआ -धकारा हो जायेगा ,
इसे बरसने दो तुम आखिर ,आखिर कबसे नहीं मिले हो /
जाने वाले जब जाते हैं ,सामान दिलों का ले जाते हैं ,
इस मिट्टी में क्या बचता है, जान हमारी ले जाते हैं ,
फिर भी हमको जीना है कुछ , जीवन दोते नहीं मिले हो /
इन नयनों की पलकों में तुम ,कितने दिन से नहीं खिले हो /
मीलों -मीलों धूप खिली थी ,जब तुम बाँहों में आये थे ,
कितने मौसम बदल -बदल कर ,इस धरती पर इठलाये थे ,
छलक चुकीं हैं झीलें कितनी ,कबसे ,अबतक नहीं मिले हो /
नदियों में जो जल बहता है ,शायद खारा हो जायेगा ,
बिन बरसे यह नभ का बादल ,धुंआ -धकारा हो जायेगा ,
इसे बरसने दो तुम आखिर ,आखिर कबसे नहीं मिले हो /
जाने वाले जब जाते हैं ,सामान दिलों का ले जाते हैं ,
इस मिट्टी में क्या बचता है, जान हमारी ले जाते हैं ,
फिर भी हमको जीना है कुछ , जीवन दोते नहीं मिले हो /
रविवार, 20 नवंबर 2011
शनिवार, 19 नवंबर 2011
शुक्रवार, 18 नवंबर 2011
रविवार, 13 नवंबर 2011
शनिवार, 12 नवंबर 2011
शुक्रवार, 11 नवंबर 2011
गुरुवार, 10 नवंबर 2011
शनिवार, 5 नवंबर 2011
शुक्रवार, 4 नवंबर 2011
गुरुवार, 3 नवंबर 2011
बुधवार, 2 नवंबर 2011
सोमवार, 31 अक्टूबर 2011
सोमवार, 24 अक्टूबर 2011
गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011
तस्वीर बनाने वालों क्या , उसे जिलाना भी आता है ,
कुछ रंगों के परिवेशों में ,उसे सजाना भी आता है,
वो आयेगी धीमे-धीमे , वो जायेगी धीमे -धीमे ,
उसकी यादों में जी-जी कर , उसे मनाना भी आता है /
वो दुनिया में कहाँ नहीं हैं ,मेरी आँखों से मत पूछो ,
मेरी सांसों से मत पूछो ,मेरे होठों से मत पूछो ,
उसकी तस्वीरों में मैंने ,कितनी गंगा -जमुना भर दीं ,
संभल न पाया जब भी यह दिल , उसको बहलाना आता है /
हर रोज संदेशे आते हैं ,हर रोज संदेशे जाते हैं ,
मदहोशी के इस आलम में ,रेशे -रेशे हो जाते हैं ,
जज्बातों से खेलोगे तो ,हाल पता सब लग जायेगा ,
अहसासों में क्या-क्या गुजरा , उसे जगाना भी आता है /
कुछ रंगों के परिवेशों में ,उसे सजाना भी आता है,
वो आयेगी धीमे-धीमे , वो जायेगी धीमे -धीमे ,
उसकी यादों में जी-जी कर , उसे मनाना भी आता है /
वो दुनिया में कहाँ नहीं हैं ,मेरी आँखों से मत पूछो ,
मेरी सांसों से मत पूछो ,मेरे होठों से मत पूछो ,
उसकी तस्वीरों में मैंने ,कितनी गंगा -जमुना भर दीं ,
संभल न पाया जब भी यह दिल , उसको बहलाना आता है /
हर रोज संदेशे आते हैं ,हर रोज संदेशे जाते हैं ,
मदहोशी के इस आलम में ,रेशे -रेशे हो जाते हैं ,
जज्बातों से खेलोगे तो ,हाल पता सब लग जायेगा ,
अहसासों में क्या-क्या गुजरा , उसे जगाना भी आता है /
बुधवार, 19 अक्टूबर 2011
तस्वीर बनाने वालों क्या , उसे जिलाना भी आता है ,
कुछ रंगों के परिवेशों में ,उसे सजाना भी आता है,
वो आयेगी धीमे-धीमे , वो जायेगी धीमे -धीमे ,
उसकी यादों में जी-जी कर , उसे मनाना भी आता है /
वो दुनिया में कहाँ नहीं हैं ,मेरी आँखों से मत पूछो ,
मेरी सांसों से मत पूछो ,मेरे होठों से मत पूछो ,
उसकी तस्वीरों में मैंने ,कितनी गंगा -जमुना भर दीं ,
संभल न पाया जब भी यह दिल , उसको बहलाना आता है /
कुछ रंगों के परिवेशों में ,उसे सजाना भी आता है,
वो आयेगी धीमे-धीमे , वो जायेगी धीमे -धीमे ,
उसकी यादों में जी-जी कर , उसे मनाना भी आता है /
वो दुनिया में कहाँ नहीं हैं ,मेरी आँखों से मत पूछो ,
मेरी सांसों से मत पूछो ,मेरे होठों से मत पूछो ,
उसकी तस्वीरों में मैंने ,कितनी गंगा -जमुना भर दीं ,
संभल न पाया जब भी यह दिल , उसको बहलाना आता है /
मंगलवार, 18 अक्टूबर 2011
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