geetonkebadal-[7]
रविवार, 20 नवंबर 2011
डूबकर जब तुम्हें देखा कि डूबते ही चले गये ,
समुन्दर थे निगाहों में कि सूखते ही चले गये //
अभी तक पता नहीं हमें गहराइयों का ,कहाँ हो ,
कहीं तो मिलोगे तल में कि दूंदते ही चले गये //
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